गतिविधियाँ

कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की भूमिका मध्य प्रदेश के परंपरागत ग्रामोद्योगों के संवर्धन, समग्र विकास, रोजगार बढ़ाने, ग्रामोत्पादों की गुणवत्ता का विकास, कौशल उन्नयन, ग्रामोत्पादों को बाजारोन्मुखी बनाना एवं उनके विपणन को प्रोत्साहित करने से है। विभाग की प्रमुख गतिविधियाँ निम्नानुसार हैं :-

  • ग्रामोद्योगों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
  • ग्रामोद्योग विकास में महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता देते हुए ग्रामोद्योग स्थापित करने के लिए बुनियादी एवं कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, उन्नत प्रोद्योगिकी, उच्चगुणवत्ता आदि के विकास के लिए सहयोग देना।
  • क्लस्टर अप्रोच अपनाते हुए ग्रामोद्योग के विकास में निजी क्षेत्र, स्वसहायता समूहों/अशासकीय संस्थाओं/सहकारी संस्थाओं एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • कृषि उपज आधारित ग्रामीण उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देना।
  • ग्रामोद्योग के उत्पादों के बारे में प्रदेश के भीतर एवं बाहर की मांग का आकलन कर, विपणन तंत्र को चिन्हित कर विकसित करना, गुणवत्ता के अनुरूप वस्तुओं के उत्पादन हेतु बेकवर्ड तथा फारवर्ड लिंकेज उपलब्ध कराना तथा उत्पादन के विपणन को प्रोत्साहित करना।