हाथकरघा एवं हस्तशिल्प संचालनालय

मध्यप्रदेश शासन

हमारे बारे में

हाथकरघा एवं हस्तशिल्प संचालनालय म.प्र. शासन

भारत देश में कृषि के बाद परम्परागत रूप से हाथकरघा उद्योग में अत्याधिक रोजगार की संभावना है । हाथकरघा क्षेत्र में इन्ही रोजगार की संभावनाओं के कारण वर्ष 1976 में प्रदेश में हाथकरघा संचालनालय का गठन किया गया था। संचालनालय द्वारा अपने जिला हाथकरघा कार्यालय एवं जिला पंचायत में कार्यरत जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों के माध्यम से प्रदेश के हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के कारीगरों को स्वरोजगार स्थापित किये जाने एवं परम्परागत उत्पादों के सरक्षण एवं विकास हेतु कार्य किया जा रहा है।

उद्देश्य एंव दायित्व

  • प्राचीनतम उत्कृष्ट बुनाई कला की सुप्रसिद्ध परम्परा को समृद्ध बनाना ।
  • हाथकरघा उद्योग में आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रयोग को प्रोत्साहन देकर इसे आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद बनाना ।
  • हाथकरघा बुनकरों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराना तथा नये लोगो को इस उद्योग से संबद्ध कर बेरोजगारी निवारण का प्रयास करना
  • बुनकरों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के प्रयास करना ।
  • प्रदेश में बुनकर व अन्य हस्तशिल्प उद्योगों को प्रोत्साहन देना ।

मध्यप्रदेश में मुख्य हथकरघा क्लस्टर

क्रमांक क्लस्टर का नाम स्थापित करघे कार्यशील करघे बुनकर संखया कार्यशील महिला बुनकर
1 चन्देरी 3924 3572 10716 4052
2 महेश्वर 1753 1678 5034 2000
3 सौंसर 725 474 1422 557
4 वारासिवनी 648 395 1185 460
5 सांरगपुर (पड़ाना) 2159 525 1575 702
6 आष्टा (सीहोर) 1564 525 1575 702
7 मंदसौर 935 595 1758 843
8 नीमच 764 118 354 142
9 ग्वालियर 2061 1389 4167 1660
10 सीधी 3921 3003 9009 1557
11 मण्डला 320 205 615 215
12 शाजापुर 16414 106 318 103
13 निवाड़ी (टीकमगढ़) 382 342 1026 661
14 झाबुआ 310 43 129 115
  योग 23106 15001 45437 16344