रेशम संचालनालय

मध्यप्रदेश शासन

शहतूत

  • रेशम कृमि का पालन घरो के अन्दर नियंत्रित वातावरण में किया जाता है ।
  • इसका भवन के अन्दर पालन होता है ।
  • खाद्य पत्तियाँ morus alba प्रजाति की खाद्य होती है ।
  • यह फसल मुख्यतः कृषकों द्वारा अपने निजी भूमि पर की जाती है । वर्ष में 3 से 5 फसल तक ली जा सकती है ।
  • अधिकतम आय कृषकों द्वारा म.प्र. में 1,75,000/- एकड़ रिकार्ड की गई है ।