मध्यप्रदेश माटी कला बोर्ड

मध्यप्रदेश शासन

पुरस्कार

मध्यप्रदेश के प्रजापति समाज के उत्कृष्ट शिल्पियों को राज्य स्तरीय पुरुस्कार

प्रस्तावना एवं उद्देष्य- प्रदेष में निवासरत प्रजापति समाज के लोगों के विकास ओर कल्याण तथा सामाजिक उत्थान के उद्देष्य से राज्य शासन योजनाऐं एवं कार्यक्रम म0प्र0 माटीकला बोर्ड के माध्यम से संचालित कर रहा है। माटी कला क्षेत्र में कार्यरत उत्कृष्ट शिल्पियों को सम्मान द्वारा प्रदान करने के उद्देष्य से मध्य प्रदेष के प्रजापति समाज के उत्कृट शिल्पियों को राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय पुरुस्कार देने का निर्णय लिया है इस पुरुस्कार के विनियमन एवं प्रकिया निर्धारण हेतु निम्नानुसार नियम बनाये जाते हैः-

1.संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभः-

  • (एक) ये नियम मध्यप्रदेश के प्रजापति समाज के उत्कृष्ट शिल्पियों को राज्य स्तरीय पुरुस्कार नियम कहलायेंगे
  • (दो) ये नियम सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य में मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाषित अधिसूचना दिनांक से प्रभावषील होगे।

2. परिभाषाऐंः-

  • (एक) ‘‘प्रजापति समाज’’ का आषय मध्यप्रदेश में परम्परागत रुप से कच्चे माल के रुप में माटी का उपयोग कर विभिन्न उपयोगी सामग्री तैयार करने वाली जातियां प्रजापति समाज के अन्तर्गत आऐंगी। जिनका जाति प्रमाण पत्र राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हों।
  • (दो) ‘‘मध्यप्रदेश के निवासियों’’से तात्पर्य मध्यप्रदेश शासन द्वारा मूल निवासियों को पात्रता हेतु निर्धारित शर्तों की पूर्ति करने वाले व्यक्ति जिनका मूल निवास प्रमाण पत्र राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया है।
  • (तीन) ‘‘चयन समिति’’से अभिप्राय इन नियमों के नियम 4 के अन्तर्गत शासन द्वारा गठित चयन समिति से है।
  • (चार) ‘‘षिल्पी’’ सेे यह तात्पर्य है कि, प्रजापति समाज को कोई भी व्यक्ति.जो अपनी रचनात्मक प्रवृत्ति के आधार पर माटी एवं रंगो को कच्चे माल के रुप में उपयोग करते हुए मौलिक कृति का निर्माण करता है।
  • (पांच) ‘‘शिल्प’’ से तात्पर्य, षिल्पी द्वारा तैयार की गई कृति।

3. पुरुस्कारों का स्वरुपः- मध्यप्रदेश के प्रजापति समाज के उत्कृष्ट शिल्पियों को राज्य स्तरीय पुरुस्कार के रुप में चयन समिति द्वारा चयनित तीन उत्कृष्ट शिल्पियों को नकद राषि का डाफ्ट. (प्रथम पुरुस्कार एक लाख रुपये द्वितीय पुरुस्कार पचास हजार रुपये एवं तृतीय पुरुस्कार पच्चीस हजार रुपये) के साथ प्रतीक चिन्ह से युक्त प्रषंसा पट्टिका, शाल एवं श्रीफल से सम्मानित किया जावेगा।

4. चयन समिति का गठनः-राज्य शासन द्वारा आदेष क्र0एफन0 6-61/2008/बामन (2) भोपाल दिनांक 11.07.2011 से गाठित चयन समिति जिसका विवरण निम्नानुसार हैः-

  • (एक) अध्यक्ष म0प्र0 माटीकला बोर्ड,भोपाल अध्यक्ष
  • (दो) आयुक्त, हाथकरघा एवं हस्त षिल्प म0प्र0 सदस्य
  • (तीन) प्रबंध संचालक, म0प्र0 खदी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड सदस्य
  • (चार) भारत भवन,मध्यप्रदेश का माटीकला से संबधित प्रतिनिधि सदस्य
  • (पांच) राष्टीय एवं राज्य स्तरीय पुरुसकार प्राप्त माटीकला षिल्पी सदस्य
  • (छः) मुख्यकार्यपालन अधिकारी म0प्र0 माटीकला षिल्पी सदस्य सचिव

5. चयन समिति की शक्तियांः-

  • (एक) भारत भवन मध्यप्रदेश माटीकला से संबधित प्रतिनिधि का नामांकन प्रतिवर्षं मुख्य प्रषासनिक अधिकारी,भारत भवन द्वारा किया जावेगा तथा राष्टीय एवं राज्य स्तरीय पुरुस्कार प्राप्त माटीकला के एक षिल्पी का नामांकन प्रतिवर्ष प्रंबध संचालक म0प्र0 हाथकरघा एवं हस्तषिल्प विकास निगम मर्यादित भोपाल द्वारा किया जावेगा।
  • (दो) चयन समिति द्वारा किया गया चयन के अंतिम एवं शासन के लिये बंधनकारी होगा।
  • (तीन) पुरुस्कार के लिये चयन के संबंध में कोई आपप्ति स्वीकार नही की जावेगी।
  • (चार) प्रत्येक पुरुस्कार वित्तीय वर्ष के लिये प्राप्त प्रविष्टियों के अलावा भी चयन समिति अपने स्वविवेक से ऐसे किसी नाम/नाामों पर विचार कर सकेगी जिन्हे पुरूस्कारों के उद्देश्य के अनुरूप पावंैं
  • (पांच) चयन समिति बैठक का सम्पूर्ण कार्यवाही विवरण गोपनीय रहेगा एवं उसके द्वारा सर्वानुमति से की गई लिखित अनुंषसा के अलावा बैठक के दौरान हुए विचार-विमर्श का कोई लिखित अभिलेख नही जावेगा।
  • (छः) चयन समिति के माननीय सदस्यों को चयन प्रक्रिया के लिये जाने पर उन्हे राज्य के वरिष्ठ अधिकारी (ग्रेड ए) के समकक्ष रेल यात्रा/वायुयान यात्रा करने एवं यात्रा भत्ता तथा लाजिंग प्राप्त करने का भी अधिकारी होगा।

(6). चयन की प्रक्रियाः- पुरुस्कारों के लिये उपयुक्त प्रजापति समाज के शिल्पियों के चयन की प्रक्रिया निम्नानुसार रहेगी।

  • (1) जिस वर्ष के लिये पुरुस्कार प्रदान किया जाना है, उस वर्ष के लिये प्रविष्टिया आमंत्रित करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी म0प्र0 माटीकला बोर्ड द्वारा अप्रैल माह में प्रमुख प्रादेषिक समाचार पत्रों/पत्रिका में राज्य शासन (कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग मंत्रालय) की ओर से शासन द्वारा निर्धारित प्रारुप में विज्ञापन प्रकाषित कराया जावेगा। प्रविष्टियां प्रस्तुत /प्रेषित करने के लिये कम से कम एक महिने का समय दिया जावेगा। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टिया विचार के लिये मान्य नही की जावेगी। परन्तु विज्ञप्ति जारी करने आदि के समय में राज्य शासन आवष्यक होने पर परिवर्तन कर सकेगा।
  • (2) प्रविष्ट प्रजापति समाज के शिल्पियों द्वारा स्वयं अथवा उसकी ओर से उनकी षिल्प कला सुपरिचित व्यक्ति अथवा संगठन राज्य शासन को निम्नांकित अपेक्षाओं की पूर्ति करने हेतु प्रस्तुत करेंगें।
    • (क) षिल्पी का पूर्ण परिचय।
    • (ख) माटीकला षिल्प के उत्थान के लिये उनके द्वारा निर्मित कियें गये षिल्पों की विस्तृत जानकारी।
    • (ग) यदि माटीकला षिल्प से संबंधित कोई अन्य पुरुस्कार मिला हो तो उसका विवरण।
    • (घ) माटीकला के उत्कृष्ट षिल्प के विषय में प्रतिवेदन प्रकाषित हुआ हो तो उसका विवरण एवं प्रकाषित प्रत्येक प्रतिवेदन की एक प्रतिलिपि।
    • (ड़) माटी कला षिल्प के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र पत्रिकाओं तथा संस्थाओं द्वारा की गई टिप्पणियों की फोटोप्रतियां/सत्य प्रतिलिपियां।
    • (च)चयन होने की दषा में पुरुस्कार ग्रहण करने के बारे में संबंधित माटीकला षिल्पी की सहमति।
    • (छ) प्रविष्टि हेतु प्रस्तुत षिल्प कृति की प्रस्तावना एवं विस्तृत विवरण (नमूना सहित)।
  • (3)(अ)चयन के लिये नियमों में निर्दिष्ट मापदण्डों के अलावा और कोई षर्त लागू नहीं होगी।
  • (ब)एक बार प्रस्तुत प्रविष्टियां तीन वर्ष तक विचारणीय होगी। विचारणीय तीन वर्षो में संबंधित माटीकला षिल्पी के लिये नई प्रविष्टियां देना आवष्यक नहीं होगी। किन्तु उपनियम (1) में प्रविष्टियां प्रस्तुत करने हेतु विहित अवधि में संबंधित षिल्पी या उनके कोई प्रस्तावक यदि पूरक या अतिरिक्त षिल्प विचारार्थ प्रस्तुत करना चाहंे तो समय सीमा में प्राप्त इस प्रकार की पूरक अथवा अतिरिक्त विचारार्थ ग्राह्ा होगी।
  • (स) एक बार चयन नहीं होने का अभिप्राय यह नहीं होगा कि संबंधित माटीकला षिल्पी की षिल्पकला पुरूस्कार के योग्य नहीं है। निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति करने वाले ऐसे माटीकला षिल्पी जो तीन वर्षो की विचारणीय अवधि में पुरुस्कार के लिये चयन नही हो सके है,परवर्ती वर्षो में पुनः प्रविष्टि प्रस्तुत कर सकेंगें।
  • (4) प्रविष्टि में अन्र्तनिहित तथ्यों/जानकारी के अलावा अन्य पष्चातवर्ती पत्र व्यवहार पऱ पुरुस्कार के संबंध में कोई विचार नही किया जावेगा।
  • (5) प्रविष्टि में दिये गये तथ्यों/निष्कर्षो/प्रमाणों का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रविष्टि प्रस्तुतकर्ता का रहेगा। इस मामले में राज्य शासन किसी भी विवाद में पक्ष नही माना जावेगो। परन्तु राज्य शासन को अधिकार होगा कि जहां वह आवष्यक समझे अपने सूत्रों से दिये गये तथ्यों/निष्कर्षो/प्रमाणों के संबंध में पुष्टि कर सकेगा।
  • (6) निर्धारित तिथि तक प्राप्त समस्त प्रविष्टयों को प्राप्ति के 15 दिवस की अवधि में संबधित पुरुस्कार वर्ष की पंजी में निम्नांकित प्रपत्र में पंजीकृत किया जावेगाः-
    प्ंाजीयनक्र0 माटीकला षिल्पी नाम व पता प्रविष्टि प्रस्तुतकर्ता का नाम एवं पता प्राप्त दस्तावेजों के कुल पृष्ठों की संख्या प्राप्त षिल्प की संख्या अन्य विवरण
    1 2 3 4 5 6
    `
  • (7). पंजीयन के पष्चात् मुख्यकार्यपालन अधिकारी म0प्र0 माटीकला बोर्ड के द्वारा निम्नांकित शीर्षकों में प्रत्येक प्रविष्टि के संबंध में चयन समिति की बैठक के लिये संक्षेपिका अधिकम 15 दिवस की समयावधि में तैयार कर राज्य शासन को प्रस्तुत की जावेगी।
    1. माटीकला षिल्पी का नाम तथा पता
    2. प्रस्तावना
    3. माटीकला षिल्पी का सक्षिप्त परिचय
    4. षिल्पकार्य की उपलब्धियां
    5. प्राप्त पुरुस्कार/सम्मान
    6. प्रमाण-सम्मितियां
    7. रचानाऐं/प्रकाषन
    8. षिल्प का विवरण (यदि कोई हो तो)
    9. पुरुस्कार ग्रहण करने बावत् सहमति

(7) चयन के मापदण्डः- पुरुस्कारों के लिये उत्कृष्ट माटीकला शिल्पियों के चयन हेतु निम्न मापदण्ड रहेंगेंः-

  1. पुरुस्कारों के लिये चयन समिति द्वारा ऐसे शिल्पियों का चयन किया जावेगा जो मध्यप्रदेश राज्य के निवासी हो एवं मध्यप्रदेश में परम्परागत रुप से माटीकला में कार्यरत प्रजापत समाज से हों।
  2. चयन समिति के अषासकीय सदस्य स्वयं अपने लिये उस वर्ष के पुरूस्कार के लिये प्रविष्ट प्रस्तुत नहीं कर सकेगें। जिस वर्ष पुरूस्कार की चयन समिति के वे सदस्य है।
  3. माटी कला षिल्पी के संबंध में इस पुरूस्कार के अलावा अन्य कोई पुरूस्कार प्राप्त षिल्पी भी मध्यप्रदेश के प्रजापति समाज के उत्कृष्ट शिल्पियों को राज्य स्तरीय पुरूस्कार के लिये प्रविष्ट भेजने के पात्र होंगें।
  4. षासन द्वारा नियुक्त पदाधिकारी षासकीय एवं अद्र्वषासकीय वेतनभोगी व्यक्ति इस पुरूस्कार के लिये पात्र नहीं होगें।
  5. षिल्पी मध्यप्रदेश राज्य के अंन्तर्गत आने वाली प्रजापति समाज में से होना चाहियें।
  6. पुरूस्कार के लिये भूतकालिक एवं वर्तमान दोनो स्थितियों में षिल्प के कार्यो का आंकलन आवष्यक है और षिल्प के कार्य में षिल्प की सक्रियता वर्तमान में भी निरंतर रहना आवष्यक है।
  7. माटी कला षिल्पी को इस बात का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा कि उन्होंने माटीकला क्षेत्र में दीर्घकालिक रुप से सक्रिया है,तथा वर्तमान में भी इस क्षेत्र में सक्रियता वर्तमान में भी निरन्तरता आष्यक है।
  8. पुरुस्कार चुंकि माटी कला षिल्पी के उत्कृष्ट योगदान के आधार पर दिया जावेगा। इसलिये षिल्प कार्य में ऐसे व्यक्ति को एक व्यक्ति के रुप में किये योगदान के संबंध में पर्याप्त प्रमाण होने चाहिये
  9. माटीकला षिल्प के क्षेत्र में माटीकला षिल्पी के योगदान का संबंधित क्षेत्र में व्यापक प्रभाव (गुरु षिष्य परम्परा) परिलक्षित होना चाहिये।
  10. परम्परागत तरीकों से अलग हटकर माटीकला के क्षेत्र में नवाचार अर्थात नई पद्वति को किस सीमा तक और कितनी सघनता से अपनाया गया है। इसका विवरण प्रविष्टि के साथ पृथक से दिया जाना चाहिये।
  11. किसी स्वैच्छिक संस्था से सम्बद्व माटी कला षिल्पी के उसी कार्य को पुरुस्कार के लिये विचार में लिया जावेगा जिस कार्य से षिल्पी सीधे तौर पर जुड़े हुऐ थे ओर अब भी जुड़े है संस्था की समस्त षिल्प उपलब्धियों का षिल्पी के हित में आकलन नही होगा।

(8) पुरूस्कारों की घोषणाः- चयन समिति द्वारा जिन माटीकला शिल्पियों को चयन होगा, बारे में शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में औपचारिक सहमति प्राप्त की जावेगी। उनसे सहमति प्राप्त, होने के पश्चात राज्य शासन के द्वारा राज्य पुरूस्कार के लिये चयनित माटीकला शिल्पियों के नामों की औपचारिक घोषणा की जावेगी।

(9) अलंकरण समारोह:- पुरू्रस्कारों का राज्य स्तरीय अलंकरण, समारोह शासन द्वारा प्रतिवर्ष 05 जून को म.प्र. माटीकला बोर्ड के गठन दिवस के आयोजन के अवसर पर आयोजित होगा। जिसमे भाग लेने के लिये चयनित उत्कृष्ट शिल्पियों को राज्य अतिथि के रूप में आंमत्रित किया जावेगा विशेष परिस्थितियों में अपनी सहायता के लिये केवल एक सहायक साथ में ला सकेंगें जिसे उन्ही के साथ यात्रा करने एवं ठहरने की सुविधा प्राप्त होगी, लेकिन उन्हें यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। प्रजापत समाज के उत्कृष्ट शिल्पी को रेलगाड़ी में शासन के वरिष्ट स्तर के अधिकारी गे्रड ए के समकक्ष यात्रा की पात्रता रेल से अथवा वायुयान से होगी एवं प्रथम श्रेणी अधिकारी ए ग्रेड के समान यात्रा भत्ता पाने की पात्रता होगी।

(10) व्यय की संपर्ति एवं वित्तीय शक्तियांः- प्रजापत समाज के उत्कृष्ट शिल्पी को राज्य पुरस्कार एवं अलंकरण समारोह से संबंधित व्यवस्थाओं पर होने वाले व्यय की पूर्ति के लिये बजट में हर वर्ष समुचित वित्तीय प्रावधान रखा जावेगा एवं स्वीकृत मद के व्यय पर पूर्ण अधिकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. माटीकला बोर्ड को होंगे। इस हेतु राज्य शासन से औपचारिक स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी।

(11)नियमों में संशोधन एवं परिवर्तनः- राज्य शासन (कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग) को इन नियमों में आवश्यकता अनुसार संशोधन एवं परिवद्र्वन करने का अधिकार होगा। इन नियमों में अन्र्तनिहित प्रावधानों के संबंध में प्रमुख सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की व्याख्या अधिकृत और अंतिम मानी जावेगी ऐसे मामले जिनका नियमों में उल्लेख नहीं है, के निराकरण के अधिकारी भी प्रमुख सचिव म.प्र. शासन कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग मेें वेष्ठित होगें।

(12) पुरूस्कारों से संबंधित अभिलेखों का रखरखाबः- मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. माटीकला बोर्ड, प्रतिवर्ष के पुरूस्कार की प्रविष्टियों चयनित उत्कृष्ट शिल्पियों आदि का रिकार्ड प्रतिवर्ष के लिये अलग-अलग जिल्द में संधारित करेंगे। चयनित उत्कृष्ट शिल्पी के जीवनचरित्र, शिल्प कार्य आदि के संबध्ंा में समारोह के समय एक विवरणिका जारी की जावेगी, जिसमें प्रजापत समाज के उत्कृष्ट शिल्पी पुरूस्कार के उद्देश्य के स्वरूप तथा पुरूस्कार प्राप्त व्यक्ति/ व्यक्तियों के अद्यतन विवरण दिये जावेगें। प्रविष्टि में प्राप्त पुरूस्कार शिल्प कृतिंया मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड की सम्पत्ति होंगी जिन्हे बोर्ड में प्रदर्शित करने हेतु संधारित किया जावेगा।

वर्ष 2012-13 में निम्नांकित माटीकला शिल्पियों को उनकी उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिये सम्मानित किया गया :-

क्रमांक शिल्पी का नाम पुरस्कृत कलाकृति का शीर्षक पुरस्कार राशि
1 श्री राम गोपाल/मोहन लाल प्रजापति, ग्वालियर प्रगति का आधार पहिया आदि से अंत तक प्रथम पुरस्कार 1,00,000/-
2 श्री संतोष प्रजापति/स्व. बाबूलाल प्रजापति, जबलपुर बाल विवाह एवं बाल श्रमिक द्वितीय पुरस्कार 50,000/-
3 श्री संतोष प्रजापति/श्री नाथू लाल प्रजापति, देवास घड़ी तृतीय पुरस्कार 25,000/-