उपलब्धियाँ

विभाग की प्रमुख उपलब्धियॉ

  1. दुष्टिपत्र-2018
    • वर्ष 2018 तक मलबरी पौधरोपण में 10,000 एकड की वृद्वि के विरूद्व जनवरी से नवम्बर 2014 तक 3974 एकड नवीन पौधरोपण किया गया।
    • वर्ष 2018 तक ककून उत्पादन 10 लाख किलोग्राम से 20 लाख किलोग्राम किये जाने के लक्ष्य के विरूद्व वर्ष में अप्रेल से नवम्बर 2014 तक 727 लाख किलोग्राम का उत्पादन हुआ। वर्ष में 12.79 लाख किलोग्राम उत्पादन का लक्ष्य है।
    • अण्डा उत्पादन क्षमता 33 प्रतिशत से बढाकर 75 प्रतिशत करने के लक्ष्य के विरूद्व वर्ष 2014-15 में 10 लाख स्वास्थ्य समूह उत्पादन लक्ष्य रखा है। नवम्बर तक 5.18 लाख स्वास्थ्य समूह का उत्पादन हुआ।
    • वर्ष 2018 तक प्रदेश में उत्पादित मलबरी रेशम का शत्‌ प्रतिशत्‌ धागाकरण लक्ष्य के विरूद्व वर्ष में 45,000 किलोग्राम का उत्पादन लक्ष्य रखा गया है। माह नवम्बर तक 15,000 किलोग्राम उत्पादन हुआ।
    • प्रदेश में टसर ककून उत्पादन को 2018 तक 9 करोड से बढाकर 20 करोड कोया करने के लक्ष्य के विरूद्व वर्ष 2014-15 में 16.20 करोड कोया उत्पादन का लक्ष्य है। माह नवम्बर तक 2.65 करोड कोया उत्पादन हुआ है।
    • प्रदेश में टसर कृमिपालन क्षेत्र को वर्ष 2018 तक 25000 से बढाकर 40,000 हेक्टेयर के लक्ष्य में वर्ष में 22000 हेक्टेयर वन क्षेत्र में कृमिपालन किया जा रहा है।
    • वर्ष 2018 तक टसर धागाकरण क्षमता को 75 प्रतिशत तक किये जाने के विरूद्व वर्ष में 17,000 किलोग्राम टसर धागे के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। माह नवम्बर तक 6671 किलोग्राम धागे का उत्पादन हुआ।
  2. उन्नत प्रशिक्षण-
    • मांग अनुरूप उत्पाद निर्माण हेतु 17457 हितग्राहियों को उन्नत प्रशिक्षण।
    • हाथकरघा-(250) विभागीय प्रशिक्षण केन्द्र, हाथकरघा प्रौद्योगिक संस्थान सेलम।
    • रेशम-(14862) विभागीय केन्द्र, केन्द्रीय रेशम बोर्ड के प्रशिक्षण संस्थान।
    • हस्तशिल्प विकास निगम-(1616) भाऊ साहिब भुस्कुटे लोक न्यास,अपेरल टे्रनिंग एंव डिाजाईन संस्थान, महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकीकरण संस्थान वर्धा, केन्द्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान आगरा, निफ्ट भोपाल एंव मास्टर शिल्पियों द्वारा प्रशिक्षण।
    • खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड-(716) सेडमेप, महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकीकरण संस्थान वर्धा, खादी संस्था गौंडल ।
    • माटीकला बोर्ड-(13) भाऊ साहब भुस्कुटे संस्थान, ब्ल्यू पॉटरी जयपुर।
  3. मशीन उपकरण प्रदाय-
    • 1581 हितग्राहियों को उन्नत करघे उपकरण व मशीन टूल्स प्रदाय।
    • हाथकरधा-(92) हाथकरधा एंव सहायक उपकरण।
    • रेशम-(1256) कृमिपालन उपकरण।
    • हस्तशिल्प वि0नि0-(217) ब्लॉक प्रिटिंग, बेलमेटल, खराद एंव चर्म शिल्प से संबंधित उपकरण एंव सिलाई मशीन।
    • खादी बोर्ड-कम्बल केन्द्र की मशीनरी।
    • माटीकला बोर्ड-(15) विद्युत चलित शैलाचाक।
  4. अधोसंरचना-
    • हाथकरधा-महेश्वर, सारंगपुर, अलीराजपुर एंव रायसेन के 213 बुनकरों को सोलर लाईट, इन्दौर एंव महेश्वर प्रशिक्षण केन्द्रों की मरम्मत तथा सारंगपुर सौसर एंव वारासिवनी क्लस्टर में पेय जल व्यवस्था।
    • खादी बोर्ड-कम्बल केन्द्र मंदसौर,ग्वालियर, टीकमगढ एंव पारढसिंगा में सौर ऊर्जा संयंत्र, कम्बल केन्द्र मंदसौर, ग्वालियर सूती खादी केन्द्र घाटविरौली की मरम्मत एंव गौहर महल एंव भोपाल हाट इन्दौर में बाउन्ड्रीवाल एंव शिल्प क्लस्टर मुरैना में सडक निर्माण।
  5. स्वरोजगार योजना-

    वर्ष में 6721 हितग्राहियों को बैंको से वित्त पोषण हेतु रूपये 45.12 करोड अनुदान का लक्ष्य है। माह नवम्बर तक विभिन्न बैंको में 6576 आवेदन प्रस्तुत किये गये है। बैंक द्वारा 3093 हितग्राहियों के प्रकरण स्वीकृत किये गये है। इसमें राशि रूपये 22.75 करोड अनुदान शामिल है।

    • हाथकरघा-(504) रेडीमेट गारमेन्ट, प्रिटिंग प्रेस।
    • खादी बोर्ड-(2454), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, मोटर बाईडिंग, टी0व्ही0, मोबाईल रिपेयर, बेल्डिंग, ब्यूटी पार्लर, ढाबा, वस्त्र सिलाई, स्टोनक्रेद्गार।
    • माटीकला-(135) ईट भट्‌टा, टेराकोटा, मिट्‌टी के बर्तन।
  6. विपणन-
    • वर्ष में रूपये 60.53 करोड के विक्रय लक्ष्य के विरूद्व माह नवम्बर तक रूपये 26.88 करोड के उत्पादों का विक्रय किया गया।
    • हस्तशिल्प वि0नि0-(रू02054.66 लाख) प्रदेश में 11 एम्पोरियम, प्रदेश के बाहर 10 एम्पोरियम तथा प्रदेश व प्रदेश के बाहर 40 प्रदर्शनियों का आयोजन।
    • खादी बोर्ड-(रू.298.00 लाख) प्रदेश में 10 एम्पोरियम प्रदेश व प्रदेश के बाहर लगभग 56 प्रदर्शनिशें का आयोजन/भागीदारी।
    • रेशम फेडरेशन-(रू.329.00 लाख) प्रदेश में 08 एम्पोरियम। प्रदेश व प्रदेश के बाहर 12 प्रदर्शनियों का आयोजन।

नवाचार

  • ग्वालियर कालीन पार्क की स्थापना। प्रोजेक्ट अनुमोदित, निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ।
  • आदमपुर छावनी भोपाल में माटीशिल्प का प्रशिक्षण केन्द्र व सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना। प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
  • पचमढी में सिल्क म्यजियम की स्थापना। डिजाइन तैयार, निर्माण आगामी वर्ष में।
  • खादी वस्त्रों के लिए ''कबीरा'' ब्राण्ड को लांच किया गया। निफ्ट से डिजाईन तैयार कराये गये।
  • ''विन्ध्यावैली'' बाण्ड के तहत नवीन स्वसहायता समूह जोडकर नवीन उत्पादन च्यवनप्राश, टमाटो सॉस एंव जैम लांच किया गया।
  • विभाग की नवीन बेवसाईट तैयार जिसमें आनलाईन शॉपिंग व्यवस्था भी शामिल।
  • चन्देरी में लुप्तप्राय मसलीन का उत्पादन।
  • टेराकोटा, ब्ल्यूपॉटरी उत्पाद।
  • खादी रेडीमेड गारमेन्ट।
  • M Slik Mobile App पर रेशम हितग्राहियो का पंजीयन